शहीद पत्नी का हाल देख रो पड़ीं स्मृति ईरानी, घर से लेकर मुखाग्नि तक नहीं छोड़ा साथ

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शनिवार को शहीद श्याम बाबू का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नोनारी पहुंचा। चारों तरफ श्याम बाबू अमर रहे के नारे लग रहे थे। वहीं शहीद का परिवार पार्थिव शरीर देखकर बिलख पड़ा।

ग्रामीणों के भी आंसू नहीं थम रहे थे। जब पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया तो पत्नी ने ताबूत खोलकर पति का चेहरा देखने की मांग की। लेकिन उनकी ये इच्छा पूरी नहीं हो सकी, ताबूत का ढक्कन नहीं खोला गया। इस दौरान शहीद की पत्नी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बांहों में बार-बार बेहोश होकर गिर रही थी। वहीं श्याम बाबू के छोटे भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी।

गांव में दो दिन से नहीं जला चूल्हा

जनपद कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के नोनारी गांव में रहने वाले श्याम बाबू पुलवामा आतंकवादी हमले में गुरुवार को शहीद हो गए थे। पूरा परिवार और नोनारी गांव इस गम में डूबा है। – ग्रामीणों के घरों में दो दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है। सभी शहीद के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे। श्याम बाबू के पिता राम प्रसाद किसान है श्याम परिवार के बड़े बेटे थे। – उन्होंने कहा कि पूरे परिवार को उन फक्र है। उनका बेटा देश की सेवा कर रहा था। श्याम बाबू की शादी 6 साल पहले रूबी से हुई थी। उनका एक 4 साल का बेटा और 6 माह की बेटी है।

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