फ्रेश होने के बाद भी शख्स का अक्सर पेट साफ नहीं होता था, कोई भी दवा नहीं कर रही थी असर, समय पर इलाज हुआ तो बच गई जान !

0
1565

चीन में पिछले साल एक अजीब मामला सामने आया था, जिसमें पेट दर्द से परेशान एक शख्स का जब ऑपरेशन किया गया, तो उसके पेट से 13 किलो की मल की गांठ निकली, जिसे देख डॉक्टर भी हैरान रह गए थे। जांच के दौरान पता चला कि वो शख्स एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा था, जो 5000 हजार बच्चों में से किसी एक को होती है।

लोग समझने लगे थे उसे प्रेग्नेंट…

ये घटना शंघाई में रहने वाले 22 साल के एक शख्स के साथ हुई थी। जो बचपन से ही कब्ज की समस्या से जूझ रहा था। तकलीफ इतनी ज्यादा थी कि बिना दवा लिए उसका पेट ही साफ नहीं होता था। हालांकि इससे भी ज्यादा फायदा नहीं हो रहा था। एक वक्त के बाद उसे पेट में दर्द भी रहने लगा।

सालों तक कब्ज रहने की वजह से उसके पेट के अंदरुनी हिस्से में भयानक सूजन आ गया था और वो काफी फूल गया था। उसके जबरदस्त फूले हुए पेट की वजह से लोग प्रेग्नेंट समझने लगे थे साथ ही उसके पुरुष होने पर भी शक करने लगे थे।

पेट से निकली 13 किलो की गांठ

जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया तो वो अपना इलाज कराने के लिए शंघाई स्थित 10th पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंचा। जहां डॉक्टर यिन लु और उनकी टीम ने उसका इलाज किया। जांच के दौरान पता चला कि उसके पेट में करीब 30 इंच लंबा ऐसा कुछ है जिसकी वजह से उसे दर्द हो रहा है, डॉक्टर्स ने ऑपरेशन करते हुए उस चीज को बाहर निकालने का फैसला कर लिया। – डॉक्टर्स ने जब उसका ऑपरेशन किया तो उस शख्स के मलाशय में 30 इंच लंबी और करीब 13 किलो की एक गठान मिली, जो कि मल से भरी हुई थी। दरअसल लंबे वक्त से कब्ज रहने की वजह से ये गांठ बन गई थी।

तीन घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने कहा था कि ये गठान जिंदा बम बन चुकी थी और किसी भी वक्त फट सकती थी। जिसके बाद उस शख्स का बचना नामुमकिन था।

इस वजह से कब्ज से जूझ रहा था शख्स
डॉक्टर्स के मुताबिक उसके कब्ज के पीछे की वजह पेट की वो बेहद दुर्लभ बीमारी थी, जिसके साथ वो पैदा हुआ था। उसकी आंत में कुछ जरूरी कोशिकाएं नहीं थी, जिसकी वजह से उसे शौच करने में भारी दिक्कत होती थी। डॉक्टर्स ने इस बीमारी का नाम र्स्चस्प्रुंग बताया।

ये बीमारी 5000 बच्चों में से किसी एक को होती है। इसकी शुरुआत उसी वक्त हो जाती है, जब बच्चा मां के पेट में होता है। बच्चे के पैदा होने के दो महीने के बाद ही इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

इस पुरुष का कहना है कि वो हमेशा ही कब्ज से पीड़ि‍त रहता था और वो अक्सर लैक्सेटिव लेता था लेकिन इससे थोड़ा बहुत ही आराम मिलता था. आखिरकार ये हॉस्पिटल गया और वहां जाकर इसे असलियत का पता चला. आपको बता दें, र्स्चस्प्रुंग डिजीज़ हर 5000 में से एक बच्चे को होती है. इस रोग की पहचान करन पाना मुश्किल है. एडल्स में ये बीमारी कम होती है लेकिन पुरुषों में अधिक होती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here