सेंसर बोर्ड ने देखते ही बैन कर दी थी ये 7 अश्लील फिल्में, सिर्फ यूट्यूब है देखने का आखिरी रास्ता

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हिंदी सिनेमा का दौर बदल चुका है और बॉलीवुड में हर तरह की फिल्म देखने को मिलती है लेकिन फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद ही थिएटर में देखा जाता है। मगर इनमें से कुछ ऐसी भी फिल्में हैं जिन्हें भारत में प्रतिबंधित कर दिया है। बहरहाल, इन 7 बोल्ड फिल्मों को आप यूट्यूब पर आसानी से देख सकते हैं। आइए जानते हैं कौनसी हैं ये 7 फिल्म…

इस कड़ी में पहली फिल्म आती है ‘अनफ्रीडम’। बता दें कि सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म पर इसलिए रोक लगा रखी है क्योंकि यह फिल्म दो लड़कियों के संबंधों पर आधारित है। फिल्म में इतने संवेदनशील सीन्स हैं कि यह परिवार में बैठकर नहीं देखी जा सकती। लेकिन आप इस फिल्म को यूट्यूब पर आसानी से देख सकते हैं। यह फिल्म 2015 में मई के महीने में रिलीज होनी थी। इस फिल्म को राज अमित कुमार ने डायरेक्ट किया था।

फिल्म बैंडिट क्वीन की चर्चा तो आज भी पूरे बॉलीवुड में है। यह फिल्म एक ऐसी औरत की कहानी पर आधारित है जिसकी समाज के कई लोगों ने आबरू लूटी और इस हादसे के बाद वह महिला फूलन देवी के रूप में चंबल घाटी में डाकू बनकर अपना बदला लेने लगी थी।

फिल्म कामसूत्र 3डी में कामुक दृश्य की भरमार होने की वजह से इसे सेंसर बोर्ड ने हरी झंडी ही नहीं दी और यह फिल्म यूट्यूब पर ही सिमट कर रह गई। फिल्म 2013 में रिलीज होनी थी और इसे रुपेश पॉल ने डायरेक्ट किया था।

फिल्म यूआरएफ प्रोफेसर को भी बोल्ड दृश्यों की वजह से सेंसर बोर्ड से हरी झंडी नहीं मिल पाई। इस फिल्म में फेमस एक्टर शर्मन जोशी के अलावा मनोज पहवा और अनंत माली जैसे एक्टर भी थे। फिल्म साल 2001 में रिलीज होनी थी। फिल्म के निर्माता पंकज आडवानी थे।

साल 2005 में आई फिल्म सिंस यशराज बैनर तले बनी थी। फिल्म की कहानी एक जवान लड़की और पादरी के प्रेम प्रसंग पर आधारित थी। चौंकाने वाली बात यह थी कि यह फिल्म रिलीज ना होकर भी बड़ी हिट फिल्म साबित हुई। इसका कारण फिल्म में जरूरत से ज्यादा अश्लीलता परोसना था जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी।

फिल्म पांच भी उन विवादित फिल्मों में से एक है जो परदे तक ना पहुंच सकी। सेंसर बोर्ड के लाख कट लगाने के बाद भी फिल्म रिलीज ना हो सकी और इसे बैन करना पड़ा। फिल्म के बैन होने का कारण अश्लीलता नहीं बल्कि अत्यधिक हिंसा और नशाखोरी थी। फिल्म के निर्देशक अनुराग कश्यप थे।

फिल्म द पेंटेंड हाउस सेंसर बोर्ड में जाते ही बैन हो गई। क्योंकि इस फिल्म की कहानी भी एक बूढ़े शख्स और जवान लड़की के बीच संबंधों पर आधारित थी। फिल्म साल 2015 में आई थी।

 

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